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अभी बाक़ी है (Abhi baaki hai)

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                  अभी बाक़ी है ज़िंदगी जीने का सबब अभी बाक़ी है, ज़िंदगी में ज़िंदगी का सबक अभी बाक़ी है, आसाँ तराशना मिट्टी के जिस्म को, रूह तराशिये वो चमक अभी बाक़ी है। ABHI BAAKI HAI जैसा कि हम सभी जानते हैं कोरोनावायरस की दूसरी लहर ने हमारे देश को हिला कर रख दिया। जीवन के इस उतार-चढ़ाव ने बहुत कुछ सिखाया है लेकिन अब भी बहुत कुछ सीखना बाक़ी है।  दूसरों से आगे निकलने की होड़, दूसरों की सरीक़त करना अब रोकना होगा। इस सरीक़त को रोकना अभी बाक़ी है। जो भगवान ने दिया है उतने में ही खुश रहना सीखना अभी बाक़़ी है। क़हर बरपाते कोरोना ने जो सबक दिया है उस सबक को सीखना अभी बाक़ी है। छोटी सी ज़िंदगी बार-बार नहीं मिलती। शिकवे शिकायत छोड़ें  ज़िंदगी जीना अभी बाक़ी है ।

सवाल ज़िन्दगी से (sawal zindagi se)

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   सवाल ज़िन्दगी से छोटी सी ख्वाइशें पीछे छूटने लगी, तुझको लगा गले अब ये पूछने लगी, तुझमें ही तो सपनों ने दम भरा था, तुझमें ही तो अपनो ने रंग भरा था, ऐ जिंदगी बता तू क्यों रूठने लगी?

अपने (Apne)

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Apne भले ही तेरे नहीं किसी और शहर में रहते हैं, कभी तेरे दिल दिमाग तो कभी नज़र में रहते हैं, कहां ढूंढता फिरता है तू अपनों को बावले, जिधर तू रहता है तेरे अपने.. उधर रहते हैं।।  

Disabled or Abled?

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  You call them disabled who are specially abled to keep their heart pure for everyone by ignoring your inability to see their ability. Dr. Anshul Saxena 

Autism Awareness Day

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 Today is World Autism Awareness Day.  God has blessed us with beautiful life. Let's make somebody's life better by understanding and accepting their differences.

ज्वाला शक्ति (Jwala Shakti)

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               ज्वाला शक्ति  आज का दिन एक विशेष दिन है। आज का दिन उस नारी शक्ति को सम्मान देने का दिन है जो हर दिन सम्मान की अधिकारी है।   आज का दिन ऐसे लोगों की सोच बदलने का दिन है जो नारी को अबला समझते हैं। लेकिन यही नारी जब कन्या के रूप में जन्म लेती है तो घर आंगन को खुशियों से भर देती है। जब पत्नी बनकर किसी के जीवन में जाती है तो एक मकान को घर बना देती है। मां बनकर किसी को जन्म देती है और जीवनदायिनी बन जाती है।   वह पुरुष क्या जो नारी का सम्मान ना करें। जो नारी स्वयं से पहले अपनों को रखती है।अपनी इच्छाओं को अपने दायित्वों के लिए त्याग देती है। लोग जीवन भर उसके कर्तव्यों को गिनाना नहीं भूलते। उसके अधिकारों और सम्मान का हनन करने वाली अपने पतन से भी नहीं डरती। आज की नारी ने पुरुषों से कंधे से कंधा मिला लिया है। क्या पुरुष भी नारी से कंधे से कंधा मिला पाएंगे? ईश्वर की ऐसी अद्भुत कृति को पूरे सम्मान के साथ हम सभी को शुभकामनाएं देना चाहिए🙏 समस्त नारियों और पुरुषों को जिनके जीवन में नारियों की अहम भूमिका है नारी दिवस की हार्दिक शुभ...

हौसला (Housla)

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 नमस्कार!  जीवन का दूसरा नाम एक संघर्ष है  जीवन में  सब कुछ  आसानी से नहीं मिलता। अक्सर  सफलता  संघर्ष के साथ ही आती है। यह पंक्तियां उन लोगों के लिए है जो जीवन में अनेकों चुनौतियों का सामना करते हैं और अनेकों प्रयास करने के बाद भी जिन्हें सफलता नहीं मिलती। जिस तरह आग में जलने के बाद सोना निखरता है उसी तरह से जो व्यक्ति में निरंतर संघर्ष करते रहने से हार नहीं मानता उसे सफलता का मीठा फल जरूर मिलता है। इसलिए बिना हार माने हर व्यक्ति को हौसला रखना चाहिए क्योंकि किसी ने सही कहा है मान लिया तो हार और ठान लिया तो जीत । हौसला (Housla) जागी हैं ये आंखें  अभी सोई नहीं है, देखे थे जो सपने  यहां वो अब भी पलते हैं। शोलों पे चलने से  वो नहीं डरते, आग की लपटों में जो  हर रोज़ जलते हैं।।

Ishq ki kashmkash ( इश्क़ की कश्मक़श)

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  क़श्मक़श इश्क़ की उसे समझाना क्या, जो बिन कहे सुन ले उसे बताना क्या,  जज़्बात की ज़ुबाँ तो लफ़्ज़ों से परे है, जो महसूस ना करे उसे जताना क्या।। Dr.Anshul Saxena 

Saajish

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  Saajish ए दिल ज़रा संभल इन्हें थाम के तू रख, धड़कनों की ख्वाहिशें सुनाया नहीं करते इनका तो काम है छुप-छुपके करेंगी आंखों की साज़िशें  बताया नहीं करते।।

Khwaish ( ख्वाहिश)

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  ये उम्र ढल रही है एक शाम की तरह, मिट ना जाये रेत पर एक नाम की तरह, ख्वाइशों का परिंदा कुछ ऐसे उड़ रहा,  लत हो जैसे जीने की एक जाम की तरह।। Dr. Anshul Saxena 

तानाशाही (Tanashahi)

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  नौकर ये सरकार के या नौकरी सरकारी। गैर कानूनी काम करें कानून के अधिकारी। सरेआम धमकियां देते हैं बन बैठे तानाशाही। न्याय मांगने वालों पर अन्याय हो रहा भारी।।

खुदगर्ज़ (Khudgarz)

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   Khudgarz कर सोच समझकर हाल-ए-दिल बयां, सौदा करेगा फ़िर तेरे दर्द का जहाँ, पीठ चढ़ तेरी जो कद तेरा पूछें, उम्मीद क्या उनसे खुदग़र्ज़ हों जहां।।

खाली हाथ

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चैन ओ सुकूँ को छोड़कर फ़ुर्सत की चाह में, रिश्तों का गला घोंट कर दौलत की राह में, जेबें तिजोरी भर रहे वो जानते नहीं, जाना तो ख़ाली हाथ है उसकी पनाह में।। Dr.Anshul Saxena 

ऐ ज़िंदगी (E Zindgi)

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      E Zindgi ऐ ज़िदगी ऐसे ना सताया कर जिन आंखों में हो सपने वहां थोड़ा ठहर जाया कर छोटा तेरा सफ़र औदा बड़ा मगर तेरी अहमियत जीते जी बताया कर।। मायूसी उदासी दरक़़िनार कर, कभी बेवजह भी मुस्कुराया कर, कभी चेहरे पे चेहरा लगाया कर, एहतियात बरत सौदागरों से, राज़- ए-दिल सब को ना बताया कर।। Dr. Anshul Saxena

धर्म-कर्म

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बचपन और आज

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