Posts

कोरोना सब पर भारी(Corona Sab Par Bhari)

Image
कोरोना की महामारी, कैसी पड़ गई सब पर भारी। बढ़ती आइब्रोज बढ़ती दाढ़ी, धक्का मार अब जीवन गाड़ी🤓। सूट जींस या पहनें साड़ी आंटी हो गई दीदी सारी मुश्किल में सब पड़ गई भारी🙆‍♀️ कैसे करें अपनी तैयारी💇‍♀️ कोरोना की महामारी, कैसी पड़ गई सब पर भारी। वजन बढ़ा या पेट हो भारी 🧟‍♀️ योगा की कर लो तैयारी🧘‍♀️ सूचना जनहित में जारी🤫 पैर अभी ना करना भारी😉 कोरोना की महामारी, कैसी पड़ गई सब पर भारी। महिला घर-घर खेल रहीं थी, अब आई पुरुषों की बारी।🤷‍♀️ झाड़ू खटका बर्तन डस्टिंग, लगते दुश्मन अत्याचारी।।😡👊 कोरोना की महामारी, कैसी पड़ गई सब पर भारी। Dr.Anshul Saxena 

आशा-ज्योति (Asha - Jyoti)

Image
देश रहे ना खुला भले, खुला रहे यह मन का द्वार। मंदिर ना जा पाओ भले, मन मंदिर में हो जयकार।। तूफ़ाँ में अब नौका अपनी, कौन करेगा बेड़ा पार? बस कर्म हमारे हाथों में, उसके हाथों में पतवार।। मानव धर्म की सेवा में ही, मानवता का है उद्धार। मिटे संक्रमण हर हृदय से, अच्छाई का हो संचार।। जन-जन की सामूहिक शक्ति, संकट बेला रही पुकार। आशा की ज्योति से मिलकर, जगमग कर दो यह संसार।। Dr. Anshul Saxena

इंसानी धर्म

Image
मानवता का धर्म सबसे बड़ा धर्म है। मेरी यह कविता किसी धर्म विशेष या व्यक्ति विशेष के विरोध में नहीं बल्कि एक संदेश मात्र है उन लोगों के लिए जो मानव धर्म का उल्लंघन करते हैं।                   इंसानी धर्म उसने इंसान बनाया है, थोड़े तो इंसान बनो, खुदगर्ज़ हुए ख़ुद ख़ुदा हुए, इतना ना अभिमान करो।। इंसानी धर्म पे थू थू करते, फिर कौन से धर्म के क़लमे पढ़ते, ख़ुद खुदा तुम्हें ना बख्शेगा? तुम कितना भी क़ुरान पढ़ो।। कौन जमात से आते हो, कौन से मुल्क़ की खाते हो? जिस मिट्टी से तुम जन्मे हो, उसका तो सम्मान करो।। खुदगर्ज़ हुए ख़ुद ख़ुदा हुए, इतना ना अभिमान करो।।

दस्तूर रिश्तों का (Dastoor Rishton ka)

Image
दस्तूर रिश्तों का (Dastoor Rishton ka) रिश्तों की नरमी के लिये, खुद को तपाया जाता है, छोटे हो या फिर हों बड़े, सबको निभाया जाता है।। जो अकड़ जाता है, खुद में जकड़ जाता है, अपनों का मर्म ताउम्र, ना पकड़ पाता है।। आंकते निकालते औरों की ग़लतियाँ, ख़ुद के आँकलन से मुकर जाता है।। लाख़ दिख़ावा करे वो बन के हितैषी झूठ का मुखौटा मग़र उतर जाता है।। बुराइयां निकालते, झूठ को सच मानते। दूरियों के दलदल में, फ़िसल जाता है।। सच का आइना,  जब  नज़र आता है, वक्त बहुत दूर, गुज़र जाता है।। दूसरों के चश्मे से, ग़र देखते रहे, खुद का नज़रिया,  कब  नज़र आता है।। खोखले रिश्तों का कैसा, हो चला दस्तूर, ग़ैर से पहले अपना ही, बदल जाता है।।

बेखौफ़ सोच -हमें क्या होना है?

Image
बेखौफ सोच-हमें क्या होना है? धो रहे हैं हाथ हम, अब दिमाग धोना है, जो सोच के बेखौफ़ हैं, हमें क्या होना है? अंजाम जानते नहीं, सलाह मानते नहीं, सोच में है संक्रमण, जो होना है वो होना है। सुधर जाओ अभी वक्त है, सरकार भी अब सख्त है, कठिनाई के इस दौर में, हमें संग होना है। तुम्हारी कौन सी ईंट है? कहां का रोड़ा है? कभी इस्तमाल कर लो, अगर दिमाग थोड़ा है।। खुद भी डूब जाओगे, कितनों को संग डुबाओगे, तुम्हारा सगा संबंधी नहीं, ये कोरोना है कोरोना है।।

कोरोना वायरस- किस सतह पर कितना जीवन-ख़तरे और बचाव

Image
कोरोना वायरस -सावधान नमस्कार दोस्तों! आज पूरी दुनिया में जिस तरह कोरोना वायरस का प्रकोप फैलता जा रहा है, हम सभी का कर्तव्य बनता है कि एक जागरूक नागरिक की तरह हम अपने अपने स्तर पर सक्रिय रहें और अपने फर्ज को निभाते हुए कोरोना वायरस को हराने में सभी का सहयोग करें। कोरोना वायरस का संक्रमण महामारी तक चार चरणों में पहुंचता है। कोरोना वायरस अभी भारत में दूसरे चरण पर है। दूसरा चरण यानी कि बाहर से आए लोगों द्वारा दूसरे व्यक्ति तक संक्रमण का पहुंचना। यदि हम सभी सतर्क और सावधान होकर बताए गए नियमों का पालन करते हुए सहयोग नहीं करेंगे तो कोरोना वायरस को तीसरे चरण तक पहुंचने में ज्यादा देर नहीं लगेगी। तीसरा चरण यानी कि लोगों के एक समुदाय द्वारा संक्रमण दूसरे समुदाय तक पहुंचना। चौथे चरण में संक्रमण पूरे देश में महामारी की तरह फैल सकता है। ऐसे में स्थिति बहुत गंभीर हो जाएगी। इसलिए हम सभी भारतीयों को सतर्क रहना है। जागरूक रहना है बताए गए नियमों का पालन करना है जिससे कि भारत बाकी देशों जैसे चीन और इटली की तरह तीसरे और चौथे चरण में कोरोना वायरस के प्रकोप से बचा रहे। ड्रॉपलेटस से संक्रमण सबसे ज...

सावधानी हमारा हथियार

Image
सतर्कता लगातार, सावधानी हमारा हथियार।। चीजें छूते हम हज़ार, हाथ धोना बार बार, थक जाना पर मान ना हार, कोरोना का हो ना वार सतर्कता लगातार सावधानी हमारा हथियार। दूर से ही हाथ जोड़ लो, कोरोना का मुंह तोड़ दो, बनो जागरूक स्वच्छ रहो, लापरवाही छोड़ दो छोड़ो माॅल और बाजार सतर्कता लगातार, सावधानी हमारा हथियार।। डर को मन से हटा दो कुछ लक्षण दिखें तो बता दो समय पे देना सूचना इस समय का है उपचार बैठ गये अगर डर के आगे क्या होगा सरकार? सतर्कता लगातार, सावधानी हमारा हथियार।। भीड़ इकट्ठी मत करना हो अलग-थलग पर सब लड़ना देश सुरक्षा तुम्हारे हाथ हाथ पर हाथ मत धरना हम स्वस्थ रहें ना हों लाचार सतर्कता लगातार, सावधानी हमारा हथियार।। सावधानी हमारा हथियार।। Dr.Anshul Saxena