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नारी - एक चिंगारी ( Naari Ek Chingari)

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 एक चिंगारी नारी अभिमान की आवाज़ में कभी रीति में रिवाज़ में भक्ति है जो उस नारी को शक्ति जो उस चिंगारी को जितना भी उसे दबाओगे एक ज्वाला को भड़काओगे। उस अंतर्मन में शोर है बस चुप वो ना कमज़ोर है जितना तुम उसे मिटाओगे उतना मजबूत बनाओगे। बचपन में थामा था आंचल वो ही पूरक वो ही संबल तुम उसके बिना अधूरे हो तुम नारी से ही पूरे हो जितना तुम अहम बढ़ाओगे अपना अस्तित्व मिटाओगे। By- Dr.Anshul Saxena 

Khwaish ( ख्वाहिश)

Hondi quote Khwaish(ख़्वाहिश) about wish in life @epressionshub

 



ये उम्र ढल रही है एक शाम की तरह,

मिट ना जाये रेत पर एक नाम की तरह,

ख्वाइशों का परिंदा कुछ ऐसे उड़ रहा, 

लत हो जैसे जीने की एक जाम की तरह।।

Dr. Anshul Saxena 

Comments


  1. बहुत अच्छी, दिल के बहुत करीब लगी आपकी पक्तियां🙏

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  2. बहुत-बहुत धन्यवाद और आभार😊

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