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कोरोना स्वाहा (Corona Swaha)

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 कोरोना स्वाहा (Corona Swaha) तैर हवा में आता तू, कौन सा बैर निभाता तू, अत्याचारी दे बीमारी, तू ले आया संकट भारी। दानव सा रूप बदलता तू, चुपके से जीवन छलता तू, तू खेल रहा है भावों से, और जीत रहा है हर पारी। माना घनघोर अंधेरा है, हर रात के बाद सवेरा है, तू अभिमानी कर मनमानी, भेष बदलता विषधारी।। हम सावधान है तैयारी, ईश्वर से हर शक्ति हारी, तेरी हार की कर ली अज्ञारी, स्वाहा तू अब तेरी बारी।। Dr.Anshul Saxena 

कोरोना ने सरेआम कर दिया (Corona ne Sareaam kar Diya)

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      कोरोना ने सरेआम कर दिया जो गले मिलने से क़तराते थे, दिलों में थी दूरी पर हाथ मिलाते थे, उस दूरी को बस खुलेआम कर दिया। कोरोना ने सब सरेआम कर दिया।। वो अब भी नज़र मिलाते नहीं हैं, दिल की गिरह को मिटाते नहीं हैं, वक़्त दें जब वक़्त है पर.. वक़्त नहीं है खामखाँ क्यों काम को बदनाम कर दिया। कोरोना ने सब सरेआम कर दिया।। दर्द में भी दर्द को क्यों बांटते हैं लोग, सब जल रहा फिर राख को क्यों छाँटते हैं लोग, लालच की चिंगारी क्यों बुझती नहीं है इंसान ने इंसान को शैतान कर दिया कोरोना ने सब सरेआम कर दिया।। गली कूचे कस्बों को वीरान कर दिया, ये कोरोना ने कैसा क़त्ले-आम कर दिया।। Dr. Anshul Saxena  Corona Ne Sareaam Kar Diya

अभी बाक़ी है (Abhi baaki hai)

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                  अभी बाक़ी है ज़िंदगी जीने का सबब अभी बाक़ी है, ज़िंदगी में ज़िंदगी का सबक अभी बाक़ी है, आसाँ तराशना मिट्टी के जिस्म को, रूह तराशिये वो चमक अभी बाक़ी है। ABHI BAAKI HAI जैसा कि हम सभी जानते हैं कोरोनावायरस की दूसरी लहर ने हमारे देश को हिला कर रख दिया। जीवन के इस उतार-चढ़ाव ने बहुत कुछ सिखाया है लेकिन अब भी बहुत कुछ सीखना बाक़ी है।  दूसरों से आगे निकलने की होड़, दूसरों की सरीक़त करना अब रोकना होगा। इस सरीक़त को रोकना अभी बाक़ी है। जो भगवान ने दिया है उतने में ही खुश रहना सीखना अभी बाक़़ी है। क़हर बरपाते कोरोना ने जो सबक दिया है उस सबक को सीखना अभी बाक़ी है। छोटी सी ज़िंदगी बार-बार नहीं मिलती। शिकवे शिकायत छोड़ें  ज़िंदगी जीना अभी बाक़ी है ।

कोरोना हो जाने पर क्या करें? What to do if you are corona positive?

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 कोरोना हो जाने पर क्या करें?  जैसा कि हम सभी जानते हैं कि कोरोनावायरस की दूसरी लहर बहुत ही आक्रामक और संक्रामक है और यह बहुत तेजी से लोगों को संक्रमित कर रहा है। इस बार पूरे के पूरे परिवार एक साथ संक्रमित हो रहे हैं। मेरा भी पूरा परिवार को रोना से संक्रमित हुआ। कोरोनावायरस हो जाने पर क्या करें? सबसे पहले तो आपको उचित चिकित्सक से परामर्श लेकर अपनी चिकित्सा शुरू करा देनी चाहिए । दवाओं की अतिरिक्त भी बहुत कुछ है जो इस वायरस के विरुद्ध लड़ने में आपकी सहायता कर सकता है । इस वायरस से लड़ने में आपकी शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता के अलावा यदि कोई शक्ति आपकी मदद करती है तो वह है आपकी आत्मशक्ति। सकारात्मक रहें: अपने मन में एक सकारात्मकता रखें। सोचें कि आप जल्दी ही स्वस्थ हो जाएंगे। आपका पूरा परिवार जल्दी स्वस्थ हो जाएगा। यदि आप अपना आत्मविश्वास बनाए रखते हैं तो विश्वास कीजिए आप की आत्मशक्ति दुगनी हो जाती है और यही आपको इस वायरस के विरुद्ध लड़ने की क्षमता दुगनी करती है। घबराए नहीं। क्या खायें  इस संक्रमण में आप हेल्थी डाइट लेते रहें। अपने भोजन में पोषक तत्वों को प्रचुर मात्रा में रख...

कोरोना डर जाएगा (Corona Dar Jayega)

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        कोरोना डर जाएगा मल्टीविटामिन कैल्शियम, चूसो सब लिम सी, डालो सैशे दूध में, घोल विटामिन डी, घोल विटामिन डी, साथ प्रोटीन भी खाओ, कोरोना से बचने के, नुस्खे अपनाओ। गरम मसाले नाक में, काढ़े की गर्मी आँत में, मई जून की गर्मी फ़ेल, मुंह को डालो भाप में। मुंह को डालो भाप में। पंखा मत खोलो कोरोना से बचना है तो यह सब झेलो। पानी पी लो खूब, मगर वो गरम ही रखना, दही आइसक्रीम दूर से देखो, मना है चखना। बाबा नीम हकीम कहे तू तर जाएगा। इतनी गर्मी झेल, कोरोना डर जाएगा। Dr. Anshul Saxena/expressions

सकारात्मक रहें (Be Positive)

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 सकारात्मक रहें (Be Positive) यह तो हम सभी जानते हैं कि बुजदिल लोग पीछे से वार करते हैं और बहादुर सामने से प्रहार करते हैं। कोरोनावायरस भी कुछ ऐसा ही कायरों की तरह बुजदिलों की तरह सब को चुपके से अपना शिकार बना रहा है। यदि आप या आपके अपने इसका शिकार बने हैं तो घबराइएगा मत। आप भले ही कोरोना Positive हों लेकिन अपनी सोच को सकारात्मक रखिए। हम सब इसको मिलकर हरा सकते हैं यदि हम अपने अंदर की आत्मशक्ति को मजबूत रखें और सकारात्मक रहें। BE POSITIVE to be corona negative. Let's spread positivity.

सवाल ज़िन्दगी से (sawal zindagi se)

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   सवाल ज़िन्दगी से छोटी सी ख्वाइशें पीछे छूटने लगी, तुझको लगा गले अब ये पूछने लगी, तुझमें ही तो सपनों ने दम भरा था, तुझमें ही तो अपनो ने रंग भरा था, ऐ जिंदगी बता तू क्यों रूठने लगी?

दूरी और मजबूरी

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आज देश भर में फैल रहे कोरोनावायरस से हुए लॉक डाउन के कारण लोगों में खुद को सुरक्षित रखने का एक डर सा बैठ गया है। सुरक्षा की दृष्टि से रखी जाने वाली दूरी लोगों की मजबूरी भी बनती जा रही है। प्रस्तुत है आज की कविता   दूरी और मजबूरी कोरोना ने कैसा मजबूर कर दिया, अपनों को अपनों से दूर कर दिया। खुद की फिक्र ने बेटे को ऐसा डराया, पिता का भी अंतिम संस्कार न कर पाया, नर्स माँ ने बच्चे को गले नहीं लगाया, कोई रह गया अकेला परिवार से ना मिल पाया, एक बदलाव सोच में जरूर कर दिया। कोरोना ने कैसा मजबूर कर दिया।। खुद से खुद का मिल गया पता, बरसों से जो दबा था सब दिया जता, सच के आईने ने हक़ीकत ये दी बता, पैसे से वक्त कीमती सबको लगा पता, झूठे दिखावों को चकनाचूर कर दिया। कोरोना ने कैसा मजबूर कर दिया।। वो करें पहल उम्मीद ये छोड़ो, जिस राह लगता दिल उस राह दिल मोड़ो, ऊंची अगर अहम की दीवार वो तोड़ो, टूटते और छूटते रिश्तो को अब जोड़ो, ऐसा क्या जिंदगी ने क़सूर कर दिया। कोरोना ने कैसा मजबूर कर दिया।। Dr. Anshul Saxena

धर्म-कर्म

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धर्म-कर्म खड़े अचंभित हुए निरुत्तर ताकतवर इंसान। मंदिर मस्जिद गुरुद्वारे, आज पड़े वीरान। धर्म का चोला पहन अधर्मी, व्यर्थ बांटते ज्ञान। जैसा कर्म करोगे वैसा, फल देगा भगवान।। हर धर्म पढ़ाये मानवता, हर धर्म का हो सम्मान। धर्म नाम पर स्वार्थ साध, मत फैलाओ अज्ञान। अंधभक्त जो तुम्हें मानते, भटक गए नादान। धर्म तुम्हारी नहीं विरासत, ईश्वर अल्लाह एक समान।।

कोरोना सब पर भारी(Corona Sab Par Bhari)

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कोरोना की महामारी, कैसी पड़ गई सब पर भारी। बढ़ती आइब्रोज बढ़ती दाढ़ी, धक्का मार अब जीवन गाड़ी🤓। सूट जींस या पहनें साड़ी आंटी हो गई दीदी सारी मुश्किल में सब पड़ गई भारी🙆‍♀️ कैसे करें अपनी तैयारी💇‍♀️ कोरोना की महामारी, कैसी पड़ गई सब पर भारी। वजन बढ़ा या पेट हो भारी 🧟‍♀️ योगा की कर लो तैयारी🧘‍♀️ सूचना जनहित में जारी🤫 पैर अभी ना करना भारी😉 कोरोना की महामारी, कैसी पड़ गई सब पर भारी। महिला घर-घर खेल रहीं थी, अब आई पुरुषों की बारी।🤷‍♀️ झाड़ू खटका बर्तन डस्टिंग, लगते दुश्मन अत्याचारी।।😡👊 कोरोना की महामारी, कैसी पड़ गई सब पर भारी। Dr.Anshul Saxena 

आशा-ज्योति (Asha - Jyoti)

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देश रहे ना खुला भले, खुला रहे यह मन का द्वार। मंदिर ना जा पाओ भले, मन मंदिर में हो जयकार।। तूफ़ाँ में अब नौका अपनी, कौन करेगा बेड़ा पार? बस कर्म हमारे हाथों में, उसके हाथों में पतवार।। मानव धर्म की सेवा में ही, मानवता का है उद्धार। मिटे संक्रमण हर हृदय से, अच्छाई का हो संचार।। जन-जन की सामूहिक शक्ति, संकट बेला रही पुकार। आशा की ज्योति से मिलकर, जगमग कर दो यह संसार।। Dr. Anshul Saxena

इंसानी धर्म

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मानवता का धर्म सबसे बड़ा धर्म है। मेरी यह कविता किसी धर्म विशेष या व्यक्ति विशेष के विरोध में नहीं बल्कि एक संदेश मात्र है उन लोगों के लिए जो मानव धर्म का उल्लंघन करते हैं।                   इंसानी धर्म उसने इंसान बनाया है, थोड़े तो इंसान बनो, खुदगर्ज़ हुए ख़ुद ख़ुदा हुए, इतना ना अभिमान करो।। इंसानी धर्म पे थू थू करते, फिर कौन से धर्म के क़लमे पढ़ते, ख़ुद खुदा तुम्हें ना बख्शेगा? तुम कितना भी क़ुरान पढ़ो।। कौन जमात से आते हो, कौन से मुल्क़ की खाते हो? जिस मिट्टी से तुम जन्मे हो, उसका तो सम्मान करो।। खुदगर्ज़ हुए ख़ुद ख़ुदा हुए, इतना ना अभिमान करो।।

बेखौफ़ सोच -हमें क्या होना है?

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बेखौफ सोच-हमें क्या होना है? धो रहे हैं हाथ हम, अब दिमाग धोना है, जो सोच के बेखौफ़ हैं, हमें क्या होना है? अंजाम जानते नहीं, सलाह मानते नहीं, सोच में है संक्रमण, जो होना है वो होना है। सुधर जाओ अभी वक्त है, सरकार भी अब सख्त है, कठिनाई के इस दौर में, हमें संग होना है। तुम्हारी कौन सी ईंट है? कहां का रोड़ा है? कभी इस्तमाल कर लो, अगर दिमाग थोड़ा है।। खुद भी डूब जाओगे, कितनों को संग डुबाओगे, तुम्हारा सगा संबंधी नहीं, ये कोरोना है कोरोना है।।

कोरोना वायरस- किस सतह पर कितना जीवन-ख़तरे और बचाव

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कोरोना वायरस -सावधान नमस्कार दोस्तों! आज पूरी दुनिया में जिस तरह कोरोना वायरस का प्रकोप फैलता जा रहा है, हम सभी का कर्तव्य बनता है कि एक जागरूक नागरिक की तरह हम अपने अपने स्तर पर सक्रिय रहें और अपने फर्ज को निभाते हुए कोरोना वायरस को हराने में सभी का सहयोग करें। कोरोना वायरस का संक्रमण महामारी तक चार चरणों में पहुंचता है। कोरोना वायरस अभी भारत में दूसरे चरण पर है। दूसरा चरण यानी कि बाहर से आए लोगों द्वारा दूसरे व्यक्ति तक संक्रमण का पहुंचना। यदि हम सभी सतर्क और सावधान होकर बताए गए नियमों का पालन करते हुए सहयोग नहीं करेंगे तो कोरोना वायरस को तीसरे चरण तक पहुंचने में ज्यादा देर नहीं लगेगी। तीसरा चरण यानी कि लोगों के एक समुदाय द्वारा संक्रमण दूसरे समुदाय तक पहुंचना। चौथे चरण में संक्रमण पूरे देश में महामारी की तरह फैल सकता है। ऐसे में स्थिति बहुत गंभीर हो जाएगी। इसलिए हम सभी भारतीयों को सतर्क रहना है। जागरूक रहना है बताए गए नियमों का पालन करना है जिससे कि भारत बाकी देशों जैसे चीन और इटली की तरह तीसरे और चौथे चरण में कोरोना वायरस के प्रकोप से बचा रहे। ड्रॉपलेटस से संक्रमण सबसे ज...

सावधानी हमारा हथियार

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सतर्कता लगातार, सावधानी हमारा हथियार।। चीजें छूते हम हज़ार, हाथ धोना बार बार, थक जाना पर मान ना हार, कोरोना का हो ना वार सतर्कता लगातार सावधानी हमारा हथियार। दूर से ही हाथ जोड़ लो, कोरोना का मुंह तोड़ दो, बनो जागरूक स्वच्छ रहो, लापरवाही छोड़ दो छोड़ो माॅल और बाजार सतर्कता लगातार, सावधानी हमारा हथियार।। डर को मन से हटा दो कुछ लक्षण दिखें तो बता दो समय पे देना सूचना इस समय का है उपचार बैठ गये अगर डर के आगे क्या होगा सरकार? सतर्कता लगातार, सावधानी हमारा हथियार।। भीड़ इकट्ठी मत करना हो अलग-थलग पर सब लड़ना देश सुरक्षा तुम्हारे हाथ हाथ पर हाथ मत धरना हम स्वस्थ रहें ना हों लाचार सतर्कता लगातार, सावधानी हमारा हथियार।। सावधानी हमारा हथियार।। Dr.Anshul Saxena

जागो जागो हिंदुस्तान (Jaago Jaago Hindustan)

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सावधान हो सावधान, जागो जागो हिंदुस्तान।। कोरोना से युद्ध हमारा, रहा नहीं इतना आसान।। बंद हो रहे ऑफिस सारे, धर्मस्थल शिक्षण संस्थान।। कोरोना से युद्ध हमारा, रहा नहीं इतना आसान।। थोड़ी सी भी चूक हमारी, हम पर पड़ जाएगी भारी, जान है तो है जहान, अब नहीं बनो अनजान। कोरोना से युद्ध हमारा, रहा नहीं इतना आसान।। जो कर दे बेड़ा पार, वो पतवार चाहिए। तलवार सी तैयारी वाली, धार चाहिए। सतर्कता संयम और सहयोग, यही हमारा योगदान।। कोरोना से युद्ध हमारा रहा नहीं इतना आसान।।

कोरोना वायरस

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आजकल करोना वायरस का प्रकोप पूरी दुनिया में फैला हुआ है। ऐसे अफरा-तफरी के माहौल में कुछ पंक्तियां अवश्य पढ़ें👇 कोरोना कोरोना अब बस भी करो ना जहां से हो आए वहीं जाके मरो ना। सांप चमगादड़ हम नहीं खाते, नमस्ते हैं करते हम आते जाते, सीधा-साधा देश हमारा, कोई दो रोटी खाता मजदूर बेचारा, कोई तंगी से हारा कोई मंदी से हारा। बख्श दो इन्हें अब बस भी करो ना, जहां से आए हो वही जाके मरो ना।। एक काम तुमने नेक है किया, जो लड़ रहे थे उन्हें एक है किया, अब सब मिलकर तुझ से लड़ेंगे, एक रहे हैं एक रहेंगे।। दुनिया से ले विदा हमें खुशियों से भरो ना, कोरोना कोरोना,अब बस भी करो ना।। इसी कविता को हल्के-फुल्के तौर पर मैंने इस प्रकार व्यक्त किया है👇😊