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नारी - एक चिंगारी ( Naari Ek Chingari)

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 एक चिंगारी नारी अभिमान की आवाज़ में कभी रीति में रिवाज़ में भक्ति है जो उस नारी को शक्ति जो उस चिंगारी को जितना भी उसे दबाओगे एक ज्वाला को भड़काओगे। उस अंतर्मन में शोर है बस चुप वो ना कमज़ोर है जितना तुम उसे मिटाओगे उतना मजबूत बनाओगे। बचपन में थामा था आंचल वो ही पूरक वो ही संबल तुम उसके बिना अधूरे हो तुम नारी से ही पूरे हो जितना तुम अहम बढ़ाओगे अपना अस्तित्व मिटाओगे। By- Dr.Anshul Saxena 

सावधानी हमारा हथियार


सतर्कता लगातार, सावधानी हमारा हथियार।।

चीजें छूते हम हज़ार,
हाथ धोना बार बार,
थक जाना पर मान ना हार,
कोरोना का हो ना वार
सतर्कता लगातार
सावधानी हमारा हथियार।

दूर से ही हाथ जोड़ लो,
कोरोना का मुंह तोड़ दो,
बनो जागरूक स्वच्छ रहो,
लापरवाही छोड़ दो
छोड़ो माॅल और बाजार
सतर्कता लगातार,
सावधानी हमारा हथियार।।

डर को मन से हटा दो
कुछ लक्षण दिखें तो बता दो
समय पे देना सूचना
इस समय का है उपचार
बैठ गये अगर डर के
आगे क्या होगा सरकार?
सतर्कता लगातार,
सावधानी हमारा हथियार।।

भीड़ इकट्ठी मत करना
हो अलग-थलग पर सब लड़ना
देश सुरक्षा तुम्हारे हाथ
हाथ पर हाथ मत धरना
हम स्वस्थ रहें ना हों लाचार
सतर्कता लगातार,
सावधानी हमारा हथियार।।
सावधानी हमारा हथियार।।
Dr.Anshul Saxena

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