Featured Post

नारी - एक चिंगारी ( Naari Ek Chingari)

Image
 एक चिंगारी नारी अभिमान की आवाज़ में कभी रीति में रिवाज़ में भक्ति है जो उस नारी को शक्ति जो उस चिंगारी को जितना भी उसे दबाओगे एक ज्वाला को भड़काओगे। उस अंतर्मन में शोर है बस चुप वो ना कमज़ोर है जितना तुम उसे मिटाओगे उतना मजबूत बनाओगे। बचपन में थामा था आंचल वो ही पूरक वो ही संबल तुम उसके बिना अधूरे हो तुम नारी से ही पूरे हो जितना तुम अहम बढ़ाओगे अपना अस्तित्व मिटाओगे। By- Dr.Anshul Saxena 

कोरोना वायरस-खुद को कैसे बचाएं?


जिस तरह देश भर में कोरोना वायरस का प्रकोप फैल रहा है सभी लोग यही सोच कर परेशान है कि इस भयानक वायरस से किस प्रकार सुरक्षित रहा जाए? सबसे बड़ी समस्या की बात यह है कि इस वायरस से संक्रमण बहुत तेजी से फैल रहा है और इसका इलाज अभी तक वैज्ञानिक ढूंढ नहीं पाए हैं। यदि कोई वैक्सीन या दवाई विकसित भी हो जाती है तो उसको इलाज में लाने में कम से कम 12 से 18 महीने लगेंगे। ऐसी परिस्थिति में यदि हम कुछ कर सकते हैं तो वह है सतर्क रहें और खुद को सुरक्षित रखें।

पहले यह जानना जरूरी है कि कोई भी वायरस का संक्रमण किस प्रकार होता है।

संक्रमण

किसी वायरस से संक्रमित या पीड़ित व्यक्तियों के प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष संपर्क, या उनके रोगोत्पादक एवं निकट संपर्क से एक से दूसरे व्यक्ति संक्रमित हो जाते हैं। इसी प्रक्रिया को संक्रमण(Infection) कहते हैं।


क्या है कोरोना वायरस?

कोरोना वायरस का संबंध वायरस के ऐसे परिवार से है, जिसके संक्रमण से जुकाम से लेकर सांस लेने में तकलीफ जैसी समस्या हो सकती है. इस वायरस को पहले कभी नहीं देखा गया है. इस वायरस का संक्रमण दिसंबर में चीन के वुहान में शुरू हुआ था. डब्लूएचओ के मुताबिक, बुखार, खांसी, सांस लेने में तकलीफ इसके लक्षण हैं. अब तक इस वायरस को फैलने से रोकने वाला कोई टीका नहीं बना है.


क्या हैं इस बीमारी के लक्षण?

इसके लक्षण फ्लू से मिलते-जुलते हैं. संक्रमण के फलस्वरूप बुखार, जुकाम, सांस लेने में तकलीफ, नाक बहना और गले में खराश जैसी समस्या उत्पन्न होती हैं. यह वायरस एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलता है. इसलिए इसे लेकर बहुत सावधानी बरती जा रही है. कुछ मामलों में कोरोना वायरस घातक भी हो सकता है. खास तौर पर अधिक उम्र के लोग और जिन्हें पहले से अस्थमा, डायबिटीज़ और हार्ट की बीमारी है.


खुद को कैसे बचाएं


क्योंकि यह वायरस किसी संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से फैल रहा है इसलिए लोगों को आपस में दूरी बना कर रखना चाहिए।

• किसी भी ऐसे व्यक्ति से दूरी बनाकर रखें जिसे फ्लू या खांसी जुखाम जैसे लक्षण हों।
• यदि आपको भी खांसी अथवा जुखाम है तो खास तथा सीखते समय मुंह पर रूमाल रखें टिशू रखें या मांस पहन कर रखें और 6 से 8 घंटे बाद उस मास्क को नष्ट कर दें।
• अपने हाथों को समय-समय पर सैनिटाइज करते रहें अथवा साबुन से धोते रहें।
• जब तक बहुत जरूरी ना हो घर से बाहर ना निकलें।
• जिन लोगों को बाहर जाना ही पड़ा रहा है वह लोग ध्यान दें कि उन्होंने घर से लेकर बाहर तक कितनी चीजों को छुआ है। कोई भी ऐसी चीज जो अनेकों लोगों द्वारा छू जाती है उसे छूते ही अपने हाथों को सैनिटाइज करना अथवा साबुन से धोना ना भूलें।
• जब तक आपके हाथ साबुन से ना धुल जाएं या सैनिटाइज ना हो जाएं तब तक अपनी चेहरे को ना छुयें।
• किसी भी दरवाजे का हैंडल दरवाजा खिड़की लिफ्ट का बटन, लैपटॉप का कीबोर्ड, अन्य व्यक्तियों द्वारा छुआ गया पेन अथवा पेंसिल, टीवी का रिमोट कंट्रोल, बाहर से खरीदा गया सामान, रेलवे अथवा मेट्रो स्टेशन की सीट, किसी अलमारी का दरवाजा, अपना मोबाइल फोन, या फिर कोई भी ऐसी वस्तु जो अन्य लोगों के संपर्क में आई हो छूने के बाद अपने हाथों को सैनिटाइज जरूर करें या साबुन से अच्छी तरह से जरूर धोएं।
• अपनी साफ सफाई का ध्यान अच्छे से रखें। अपने नाखूनों को काट कर रखें। बाल साफ रखें। रोज स्नान करें।
• सैलोन अथवा जिम जाने से बचें ऐसी जगहों पर संक्रमण का खतरा और बढ़ जाता है।
• अपने घर की फर्श को अच्छी तरह से साफ रखें।
• घर के दरवाजों को नियमित रूप से पोंछते रहें।
• जिस तोलिए का इस्तेमाल करते हैं उसे भी समय-समय पर धोते रहें।
• किसी के भी सामान को इस्तेमाल करने से बचें।
• यदि आपका शरीर कमजोर होगा तो सबसे पहले यह वायरस आप पर आक्रमण कर सकता है। इसलिए अपने शरीर की इम्युनिटी बढ़ाएं।
• अपने खाने-पीने में विटामिन सी प्रचुर मात्रा में लें।
• गिलोय का रस, तुलसी का रस, आंवले का रस इत्यादि का सेवन करें।
• अदरक हल्दी इत्यादि का सेवन करें।
• अपने मुंह को बार-बार ना छुयें।
• अपने फोन को हर तीसरे दिन गीले टिशू पेपर से साफ करें।
• जहां तक संभव हो, कृपया रुपए-पैसे का लेन देन डिज़िटल ही करें क्योंकि नोटों पर वायरस की कॉलोनी हो सकती है।
• लोगों से दूर से ही मिलें। ना गले मिलें,ना हाथ मिलाएं।
• भीड़भाड़ वाली जगहों पर ना जाएं।
• बच्चे यदि कॉलोनी या सोसाइटी के पार्क में खेलने जाए तो उन्हें सुरक्षा चेतावनी देकर ही बाहर भेजें। यदि बच्चे छोटे हैं तो उन्हें घर पर ही रखें।
• बच्चों को भी यह सख्त चेतावनी दें यदि वे बाहर झूले, बैट अथवा बाॅल इत्यादि छूते हैं तो तुरंत अपने हाथों को सैनिटाइज करें या साबुन से रगड़ कर हाथ धोयें।
• छोटे बच्चों के खिलौनों को समय-समय पर सैनिटाइज करें। छोटे बच्चों के भी हाथ समय-समय पर धुलवाते रहें।
• अपने घर में आने जाने वाले नौकरों को भी सख्त हिदायत दें कि घर में प्रवेश करने से पहले अपनी चप्पल आदि बाहर रखें और कोई भी चीज़ छूने से पहले अपने हाथों को साबुन से अच्छी तरह से धोएं।
• कुछ नहीं होता, ऐसी धारणा से बचें।
• जागरूक रहें सतर्क रहें सावधान रहें।
आपकी सुरक्षा सबकी सुरक्षा।
जय हिंद 😊🙏


Comments

Popular posts from this blog

गृहणी (Grahani)

अभिलाषा: एक बेटी की

सुनहरा बचपन

उम्र और सोच- एक कहानी (Umra Aur Soch- Ek Kahani)

नारी - एक चिंगारी ( Naari Ek Chingari)

तानाशाही (Tanashahi)

आजकल हर शख़्स व्यस्त है?

अनोखे नौजवान (Anokhe Naujawan)

सच्चा गुरु (Sachcha Guru)

ऐ ज़िंदगी तेरी उम्र बहुत छोटी है