कोरोना स्वाहा (Corona Swaha)

 कोरोना स्वाहा (Corona Swaha)



तैर हवा में आता तू,
कौन सा बैर निभाता तू,
अत्याचारी दे बीमारी,
तू ले आया संकट भारी।

दानव सा रूप बदलता तू,
चुपके से जीवन छलता तू,
तू खेल रहा है भावों से,
और जीत रहा है हर पारी।

माना घनघोर अंधेरा है,
हर रात के बाद सवेरा है,
तू अभिमानी कर मनमानी,
भेष बदलता विषधारी।।

हम सावधान है तैयारी,
ईश्वर से हर शक्ति हारी,
तेरी हार की कर ली अज्ञारी,
स्वाहा तू अब तेरी बारी।।

Dr.Anshul Saxena 


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