Featured Post

नारी - एक चिंगारी ( Naari Ek Chingari)

Image
 एक चिंगारी नारी अभिमान की आवाज़ में कभी रीति में रिवाज़ में भक्ति है जो उस नारी को शक्ति जो उस चिंगारी को जितना भी उसे दबाओगे एक ज्वाला को भड़काओगे। उस अंतर्मन में शोर है बस चुप वो ना कमज़ोर है जितना तुम उसे मिटाओगे उतना मजबूत बनाओगे। बचपन में थामा था आंचल वो ही पूरक वो ही संबल तुम उसके बिना अधूरे हो तुम नारी से ही पूरे हो जितना तुम अहम बढ़ाओगे अपना अस्तित्व मिटाओगे। By- Dr.Anshul Saxena 

सावन (Saawan)

 


                        सावन 


Hindi kavita Saawan @expressionshub.co.in



भीगी सी रुत में वो सावन बरसना।
मतवाली हो फिर धरा का महकना।।
तृप्ति दे तपती धरा की तपन को,
वो ठंडी पवन और मेघों का गरजना।।

वो बारिश की बूंदों का मिट्टी पर पड़ना ,
वह सोंधी सी खुशबू का हौले से उड़ना,
कोयल और मैना का खिल के चहकना,
पत्तों के झुरमुट में उड़ के सिमटना,
भीगी सी रुत में वो सावन बरसना।
मतवाली हो फिर धरा का महकना।।

वो सतरंगी रंगों का नभ में निखरना,
अनुपम छटा का धरा पर बिखरना,
काली घटा का घुमड़ कर बरसना,
तृप्ति ले बिसरा दे चातक तरसना।।
भीगी सी रुत में वो सावन बरसना।
मतवाली हो फिर धरा का महकना।।

वो नन्हे से बीजों में कोपल का फटना,
वह बूंदों से जल में तरंगों का उठना,
वो प्रेमी के दिल में उमंगें उभरना,
मनमोहक मयूरा को भाये थिरकना।।
भीगी सी रुत में वो सावन बरसना।
मतवाली हो फिर धरा का महकना।।


Comments

Popular posts from this blog

गृहणी (Grahani)

अभिलाषा: एक बेटी की

सुनहरा बचपन

उम्र और सोच- एक कहानी (Umra Aur Soch- Ek Kahani)

नारी - एक चिंगारी ( Naari Ek Chingari)

तानाशाही (Tanashahi)

आजकल हर शख़्स व्यस्त है?

अनोखे नौजवान (Anokhe Naujawan)

सच्चा गुरु (Sachcha Guru)

ऐ ज़िंदगी तेरी उम्र बहुत छोटी है