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नारी - एक चिंगारी ( Naari Ek Chingari)

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 एक चिंगारी नारी अभिमान की आवाज़ में कभी रीति में रिवाज़ में भक्ति है जो उस नारी को शक्ति जो उस चिंगारी को जितना भी उसे दबाओगे एक ज्वाला को भड़काओगे। उस अंतर्मन में शोर है बस चुप वो ना कमज़ोर है जितना तुम उसे मिटाओगे उतना मजबूत बनाओगे। बचपन में थामा था आंचल वो ही पूरक वो ही संबल तुम उसके बिना अधूरे हो तुम नारी से ही पूरे हो जितना तुम अहम बढ़ाओगे अपना अस्तित्व मिटाओगे। By- Dr.Anshul Saxena 

शॉपिंग बालाएं













 


डिस्काउंट आने पर जो झूम जाती हैं,🙌
डिस्काउंट के गणित में वो घूम जाती हैं,🤔😇
एक चीज लेनी हो दस चीज लाती हैं,🤗
कभी दस में भी कुछ लिए बिना लौट आती हैं,😣
शॉपिंग इनकी जन्नत मॉल इनका स्वर्ग😃
महिलाएं या बालाएं कहां समझ आती हैं।🙅

एक ड्रेस जब दो जगह पहन जाती हैं,👗
अगली जगह उसी ड्रेस को पुराना बताती हैं,
अपने जैसी ड्रेस कहीं देख आती हैं, 
तो महंगी से महंगी ड्रेस ना इन्हें भाती हैं,
आधे कपड़े भी ठीक से पहन नहीं पाती हैं, 
फिर भी भरी अलमारी खाली बताती हैं।।🙆

कभी कहीं कभी कहीं अक्सर ये जाती हैं, 
फिर भी कहां जाऊं यह सवाल उठाती हैं,🤔
आपकी हां या ना में बस इतना फर्क़ है,
हां की तो जेब कटी ना में बेडा ग़र्क है,
हर तर्क अंत में यह जीत जाती हैं,👧
पिता हो या पति उन्हें मना ही लाती हैं।।
By:- Dr.Anshul Saxena 




Comments

  1. अबला नारी हाय तुम्हारी यही कहानी,
    समझ न पाये ,आये जाने कितने ज्ञानी।

    वाह

    ReplyDelete
    Replies
    1. Aaj ki Naari Sab pe Bhari
      Jo baja de sabka Tabla
      Ab kahan rahi wo Abla :-)
      Thanks A Lot!!

      Delete

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