माँ (Maa)

माँ

Hindi poem about mother @expressionshub



पापड़ चिप्स बड़ी अचार,
मां के हाथ में स्वाद हजार,
दुनिया का कोई बाजार,
बेच ना पाए मां का प्यार।

वो सिर पर हथेली,
वो पूजा की थाली,
मां की दुआएं,
जाती न खाली।

ममता की महिमा
तो गीता का सार
पावन है जैसे हो
गंगा की धार।।

घर में हो मां
तो गले से लगाना
उसके हृदय को
कभी ना दुखाना।

किस्मत से मिलता है
मां का दुलार
सिर माथे रखना
दे खुशियां अपार।

चाहे जितना कमा लो
लगा लो भंडार
ममता का ऋण रहे
सब पर उधार।।

जीवन में मां,
ना मिलेंगी हजार।
मां का ही मोल,
सब दौलत बेकार।


डाॅ. अंशुल सक्सेना 

Comments

Arohi said…
Beautiful n very touching lines

Popular Posts

हर घर तिरंगा ( Har Ghar Tiranga)

गृहणी (Grahani)

बेटियाँ (Betiyan)

होली है (Holi Hai)

नारी - एक चिंगारी ( Naari Ek Chingari)

तानाशाही (Tanashahi)

अभिलाषा: एक बेटी की

सम्मान- रिश्तों का(Samman Rishton Ka)

सलीक़ा और तरीक़ा (Saleeka aur Tareeka)

Hindi Kavita Saath (हिंदी कविता साथ)