Ishq ki kashmkash ( इश्क़ की कश्मक़श)

 

क़श्मक़श इश्क़ की उसे समझाना क्या,


जो बिन कहे सुन ले उसे बताना क्या, 


जज़्बात की ज़ुबाँ तो लफ़्ज़ों से परे है,


जो महसूस ना करे उसे जताना क्या।।

Dr.Anshul Saxena 

Love quote @expressionshub.co.in


Comments

Popular Posts

हर घर तिरंगा ( Har Ghar Tiranga)

गृहणी (Grahani)

बेटियाँ (Betiyan)

होली है (Holi Hai)

नारी - एक चिंगारी ( Naari Ek Chingari)

Never Judge a Book by its Cover

सम्मान- रिश्तों का(Samman Rishton Ka)

तानाशाही (Tanashahi)

अभिलाषा: एक बेटी की

फर्क़ - मर्द और औरत का